चांदी का इतिहास क्या है? कहां मिलती है यह धातु, सोने से सस्ती क्यों और आज इसकी कीमत आसमान पर क्यों पहुँची?

चांदी का इतिहास हजारों साल पुराना है। यह दुनिया की सबसे पहले उपयोग में आने वाली धातुओं में से एक है। मिस्र, रोमन साम्राज्य, ग्रीस और भारत में इसका इस्तेमाल सिक्के, गहने और धार्मिक वस्तुएँ बनाने में किया जाता था। भारतीय संस्कृति में भी चांदी को शुभ माना जाता है और पारंपरिक रूप से इसका उपयोग पूजन-सामग्री और आभूषणों में होता रहा है।
चांदी मुख्यतः मैक्सिको, पेरू, चीन, ऑस्ट्रेलिया और रूस में बड़ी मात्रा में पाई जाती है। भारत में इसका उत्पादन कम है, इसलिए देश को इसकी भारी मात्रा आयात करनी पड़ती है।
सोने की तुलना में चांदी सस्ती होती है क्योंकि इसकी उपलब्धता अधिक है और इसे निकालने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत कम खर्चीली है। लेकिन पिछले कुछ महीनों में चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इसका मुख्य कारण यह है कि चांदी का उपयोग अब केवल आभूषणों तक सीमित नहीं, बल्कि सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहनों, मेडिकल तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी और आधुनिक उद्योगों में तेजी से बढ़ गया है। बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति के कारण कीमतें ऊंची उछल रही हैं।
वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव और निवेशकों का सुरक्षित विकल्प चुनने का रुझान भी चांदी की तेजी का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले महीनों में भी चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।






