लगातार दबाव और विकास कार्यों के कारण नक्सल संगठन कमजोर, पुलिस के सामने सरेंडर कर मुख्य जानकारी दी

छत्तीसगढ़ के उत्तरी बस्तर क्षेत्र में नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता मिली है। उत्तरी बस्तर डिवीजनल कमेटी के DVCM समेत तीन सक्रिय नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। ये सभी Communist Party of India (Maoist) की स्थानीय इकाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। सरेंडर के साथ ही नक्सल संगठन की रणनीति और स्लीपर सेल से जुड़ी कई अहम जानकारियाँ सुरक्षा एजेंसियों को प्राप्त हुई हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, नक्सलियों ने बताया कि निरंतर पुलिस दबाव, विकास कार्यों की गति और जंगल क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की मजबूत मौजूदगी के चलते संगठन तेजी से कमजोर हो रहा है। स्थानीय लोगों का बढ़ता सहयोग और पुनर्वास योजनाओं के फायदे ने भी कई सदस्यों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया।
सरेंडर करने वाले नक्सलियों पर कई गंभीर प्रकरण दर्ज थे। पुलिस ने उन्हें पुनर्वास नीतियों के तहत सुरक्षा, आर्थिक सहायता और पुनर्स्थापना कार्यक्रम उपलब्ध कराने की घोषणा की है।
इस कार्रवाई को क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क को और कमजोर करने वाला बड़ा कदम माना जा रहा है।

