ईंधन आपूर्ति संकट से औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित, कई फैक्ट्रियां आंशिक रूप से बंद, कारोबारियों में चिंता

तेल और गैस की आपूर्ति में आई कमी का असर अब मेरठ के उद्योगों पर साफ दिखाई देने लगा है। ईंधन संकट के कारण शहर की करीब 50 औद्योगिक इकाइयां पूरी तरह बंद हो गई हैं, जबकि आठ हजार से अधिक यूनिटों ने अपना उत्पादन घटा दिया है। इससे औद्योगिक गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ा है और कारोबारियों में चिंता बढ़ गई है।
उद्योग संगठनों के मुताबिक, गैस और तेल की आपूर्ति बाधित होने के कारण कई फैक्ट्रियां नियमित रूप से उत्पादन नहीं कर पा रही हैं। खासकर लघु और मध्यम उद्योगों को ज्यादा नुकसान हो रहा है, क्योंकि उनके पास वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत सीमित हैं।
मेरठ में स्पोर्ट्स गुड्स, हैंडलूम, केमिकल और अन्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कई इकाइयां इस संकट से प्रभावित हुई हैं। उत्पादन कम होने से न केवल कारोबार पर असर पड़ रहा है बल्कि हजारों मजदूरों के रोजगार पर भी खतरा मंडराने लगा है।
उद्योगपतियों का कहना है कि यदि जल्द ही ईंधन आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में और भी फैक्ट्रियों को बंद करना पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उद्योगों को प्राथमिकता के आधार पर गैस और ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
वहीं प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आपूर्ति को जल्द सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।





