एलपीजी किल्लत का असर आम जिंदगी पर, ढाबों-रेस्तरां से लेकर अस्पतालों और शादियों तक बदली व्यवस्था

एलपीजी गैस की किल्लत अब आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ नजर आने लगी है। उत्तर प्रदेश, बिहार से लेकर दिल्ली तक कई जगहों पर गैस की कमी के कारण होटल, ढाबे, अस्पताल और कैटरिंग सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
कई शहरों में चाय की कीमत बढ़कर 20 रुपये प्रति कप तक पहुंच गई है। होटल और ढाबा संचालकों का कहना है कि गैस की सीमित आपूर्ति के कारण उन्हें कीमत बढ़ानी पड़ रही है या मेन्यू में कटौती करनी पड़ रही है। कई जगहों पर शादियों और समारोहों के खाने के मेन्यू में भी कटौती की जा रही है, ताकि सीमित गैस में काम चलाया जा सके।
अस्पतालों में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। कुछ जगहों पर मरीजों के लिए बनने वाले खाने की व्यवस्था प्रभावित हुई है और वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ रहे हैं। कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो कार्यक्रमों और आयोजनों पर भी बड़ा असर पड़ सकता है।
उधर, गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोग समय से पहले सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं, जिससे मांग और बढ़ गई है। एजेंसी संचालकों का कहना है कि सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं है, लेकिन मांग अचानक बढ़ने से वितरण पर दबाव बना हुआ है।
प्रशासन का कहना है कि गैस आपूर्ति को सामान्य बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं और लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। हालांकि जमीनी स्तर पर गैस संकट का असर लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।





