यूनियन की चेतावनी—मांगें नहीं मानी तो आंदोलन और तेज़ होगा

छत्तीसगढ़ में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से बैंकिंग सेवाएँ पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं। 5-डे वीक की मांग, कार्य का बढ़ता दबाव और स्टाफ की कमी को लेकर राज्यभर के करीब 25,000 बैंककर्मियों ने काम बंद कर दिया है। इसका असर छत्तीसगढ़ की लगभग 2,500 बैंक शाखाओं में साफ दिखाई दिया, जो सुबह से बंद रहीं।
बैंक बंद होने के कारण ग्राहकों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई खाताधारकों ने बताया कि उन्हें पिछले 4 दिनों से पैसे जमा-निकासी, चेक क्लियरिंग और लोन प्रक्रिया जैसी सेवाओं के लिए भटकना पड़ रहा है।
कर्मचारियों का कहना है कि काम का बोझ लगातार बढ़ रहा है जबकि स्टाफ पर्याप्त नहीं है। इसलिए 5-डे वर्किंग जरूरी है, जिससे वर्क-लाइफ बैलेंस बेहतर हो सके और बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता भी बढ़े।
यूनियनों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार और IBA ने जल्द बातचीत शुरू नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ATM सेवाएँ भी कई जगह प्रभावित हैं, खासकर ग्रामीण इलाकों में नकदी की समस्या बढ़ गई है।
हड़ताल के चलते आम जनता और छोटे कारोबारियों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। सभी की नजरें अब इस बात पर हैं कि सरकार और बैंक प्रबंधन इस गतिरोध को कब और कैसे समाप्त करेंगे।






