रेलवे ने लोको पायलट की समझदारी की सराहना की स्कूली बच्चों की बस पास में थी, हादसा हो सकता था बड़ा

उत्तराखंड में आज एक बड़ा हादसा लोको पायलट की सूझबूझ की वजह से टल गया। जानकारी के अनुसार, ट्रेन अपने निर्धारित रूट पर चल रही थी, तभी लोको पायलट ने आगे ट्रैक पर संदिग्ध बाधा/डैमेज देखा। उन्होंने बिना देर किए तुरंत ट्रेन को रोक दिया।
यदि ट्रेन को समय पर न रोका जाता, तो यह बड़ी दुर्घटना में बदल सकती थी। उसी ट्रैक के आगे एक मोड़ के करीब स्कूली बच्चों की बस भी मौजूद थी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि तेज रफ्तार में ट्रेन बढ़ती तो न केवल डिरेलमेंट का खतरा था, बल्कि बस और आसपास मौजूद लोगों की जान को भी गंभीर खतरा हो सकता था।
लोको पायलट और गार्ड ने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिसके बाद रेलवे टीम मौके पर पहुंची और ट्रैक को दोबारा सुरक्षित किया गया। रेलवे अधिकारियों ने दोनों कर्मचारियों की सतर्कता की तारीफ करते हुए कहा कि—
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ऐसी त्वरित कार्रवाई से बड़े हादसे टलते हैं
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यात्रियों और बच्चों की जान बचाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही
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पूरे रूट की जांच की जा रही है कि ट्रैक पर बाधा किस कारण आई
स्थानीय लोगों ने भी लोको पायलट के निर्णय की सराहना की और कहा कि उनकी समझदारी ने कई परिवारों को बड़ी त्रासदी से बचा लिया।

