AI कंटेंट की पहचान के लिए वॉटरमार्क जरूरी, नियमों का पालन न करने पर कार्रवाई

सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए नया दिशानिर्देश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी भी AI जनरेटेड कंटेंट पर अनिवार्य रूप से वॉटरमार्क या लेबल लगाया जाए।
यह कदम तेजी से बढ़ रहे फेक कंटेंट, डीपफेक और भ्रामक वीडियो को रोकने के लिए उठाया गया है।
प्लेटफॉर्म्स को AI आधारित फोटो, वीडियो, ऑडियो और टेक्स्ट को स्पष्ट रूप से “AI Generated” के रूप में चिन्हित करना होगा।वॉटरमार्क हटाने या छुपाने के मामले में भी कार्रवाई का प्रावधान रहेगा।नियमों का पालन न करने पर प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत सख्त कदम उठाए जा सकेंगे।सरकार का कहना है कि इस फैसले से सोशल मीडिया पर फैलने वाली गलत जानकारी, डीपफेक और फर्जी राजनीतिक/सामाजिक कंटेंट पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।

