शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बयान—सपा और कांग्रेस में मुझे इस्तेमाल करने की चतुरता नहीं, अगर मेरे विचारों से सहमत हैं तो भाजपा मेरा साथ दे।

उत्तर प्रदेश की राजनीति के बीच Swami Avimukteshwaranand Saraswati का एक बयान चर्चा में आ गया है। शंकराचार्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में इतनी चतुरता नहीं है कि वे उनका इस्तेमाल कर सकें, जबकि अगर भारतीय जनता पार्टी उनके विचारों से सहमत है तो उन्हें समर्थन देना चाहिए।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि वह हमेशा से सनातन धर्म और धार्मिक मुद्दों पर खुलकर बोलते रहे हैं। उनका कहना है कि उनके बयान को राजनीतिक नजरिये से देखने की बजाय धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से समझा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कई राजनीतिक दल उनके बयानों को अपने हिसाब से पेश करने की कोशिश करते हैं, लेकिन वह किसी पार्टी के एजेंडे का हिस्सा नहीं हैं। अगर कोई दल उनके विचारों का समर्थन करता है तो वह उसका स्वागत करेंगे।
इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए धार्मिक नेताओं के बयान राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर सकते हैं।
हालांकि इस बयान पर अभी तक Bharatiya Janata Party, Samajwadi Party और Indian National Congress की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।





