चीन की बजाय भारत की ओर मुड़ा रूसी तेल टैंकर, भारतीय रिफाइनरियों ने तीन करोड़ बैरल कच्चा तेल खरीदा

वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां चीन की ओर जा रहा एक रूसी तेल टैंकर अचानक यू-टर्न लेकर भारत की ओर आ रहा है। जानकारी के मुताबिक, भारतीय रिफाइनरियों ने करीब तीन करोड़ बैरल कच्चे तेल की खरीद की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत द्वारा बड़ी मात्रा में रूसी कच्चा तेल खरीदने का फैसला वैश्विक बाजार में बदलते समीकरणों को दर्शाता है। भारत पहले से ही रियायती दरों पर रूसी तेल खरीदता रहा है, जिससे उसे ऊर्जा लागत को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण यह बदलाव देखने को मिला है। चीन के बजाय भारत की ओर टैंकर का रुख करना वैश्विक तेल व्यापार में एक अहम संकेत माना जा रहा है।
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो सकती है और घरेलू ईंधन कीमतों पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है। वहीं यह कदम वैश्विक सप्लाई चेन और तेल बाजार की दिशा को भी प्रभावित कर सकता है।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विविध स्रोतों से तेल खरीदने की रणनीति पर काम कर रहा है, ताकि किसी एक देश पर निर्भरता कम की जा सके।






