लैपटॉप और मोबाइल से खुले चौंकाने वाले राज, कई संदिग्ध लेन-देन और साजिशों का खुलासा

सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आईएस से जुड़े आतंकी हारिश को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच में सामने आया है कि हारिश हमलों को अंजाम देने के लिए लगातार फंड जुटाने में लगा हुआ था।
एजेंसियों द्वारा जब्त किए गए उसके लैपटॉप और मोबाइल फोन की जांच में कई अहम सबूत मिले हैं। इनमें संदिग्ध ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, एन्क्रिप्टेड चैट्स और संभावित हमलों से जुड़ी योजनाओं के संकेत मिले हैं।
सूत्रों के मुताबिक, हारिश सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को जोड़कर फंड इकट्ठा कर रहा था। वह छोटे-छोटे लेन-देन के माध्यम से बड़ी रकम जुटाने की कोशिश में था, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचा जा सके।
जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हैं। आशंका है कि इस नेटवर्क में देश और विदेश के कई लोग शामिल हो सकते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि समय रहते इस साजिश का पर्दाफाश कर लिया गया, जिससे किसी बड़े हमले को टाल दिया गया। फिलहाल हारिश से पूछताछ जारी है और उससे जुड़े हर पहलू की गहन जांच की जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए फंडिंग और साजिश रचने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिन्हें रोकने के लिए साइबर मॉनिटरिंग और सख्त कानूनों की जरूरत है।






