फतेहपुर की महिला ने चार भाइयों पर संपत्ति बेचने, हिस्सा दबाने और धमकी देने का लगाया आरोप

फतेहपुर। हसवा थाना क्षेत्र के आबूनगर पुलिस चौकी अंतर्गत रहने वाली परवीन जहां ने अपने चार सगे भाइयों पर पिता की करीब 15 करोड़ रुपये से अधिक की पैतृक संपत्ति में हिस्सा न देने, संपत्ति बेचने में कथित अनियमितता बरतने और टैक्स चोरी करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभागों से कार्रवाई की मांग की है।
परवीन जहां के अनुसार उनके पिता रशीद उद्दीन पुत्र शेर खां के नाम 25 बीघा कृषि भूमि, चार मकान और एक लाइसेंसी बंदूक थी। पिता के निधन के बाद चारों भाइयों ने संपत्ति का आपस में बंटवारा कर लिया, लेकिन उन्हें और अन्य बहनों को कोई हिस्सा नहीं दिया गया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 25 बीघा कृषि भूमि को कथित रूप से लगभग 10 करोड़ रुपये में बेचा गया, जबकि भूमि का रिकॉर्ड अब भी पिता के नाम दर्ज है। इसी तरह एक मकान को करीब एक करोड़ रुपये में बेचने का आरोप भी लगाया गया है। परवीन जहां का दावा है कि इन लेन-देन में नियमानुसार प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचाया गया।

महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि पिता के नाम की लाइसेंसी बंदूक को भी कथित रूप से बिना जानकारी के अपने नाम करा लिया गया। इसके अलावा चारों मकानों का रिकॉर्ड अब भी पिता के नाम होने का दावा करते हुए उन्होंने संबंधित दस्तावेज और हाउस टैक्स रसीदें होने की बात कही है।
परवीन जहां के मुताबिक पिता ने जीवनकाल में चारों बेटियों को रहने के लिए जमीन दी थी, लेकिन बाद में उस पर भी कब्जा कर लिया गया। उनका कहना है कि वर्ष 2019 में आर्थिक मजबूरी के चलते उस जमीन को बेचना पड़ा, जिसके बदले मिली राशि को अब उनका हिस्सा बताकर पेश किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार की अन्य बहनों में से कुछ ने भाइयों के पक्ष में बयान दे दिए हैं, जबकि उन्हें लगातार उनका वैधानिक हिस्सा मांगने पर धमकाया जाता है। परवीन जहां ने बताया कि उन्होंने अप्रैल 2026 में IGRS पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

वर्तमान में लखनऊ निवासी परवीन जहां ने पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी और आयकर विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने, कथित जालसाजी और टैक्स चोरी के आरोपों की जांच तथा पैतृक संपत्ति में उनका कानूनी हिस्सा दिलाए जाने की मांग की है।
नोट: इस मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के दावों पर आधारित हैं। संबंधित पक्षों और प्रशासन की ओर से आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है।




