टीएमसी में बढ़ते इस्तीफों के बीच मणिशंकर अय्यर की बड़ी टिप्पणी

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों बड़ा भूचाल देखने को मिल रहा है। विधानसभा चुनाव में झटका लगने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई नेता और सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं या बगावती रुख अपना चुके हैं। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Mani Shankar Aiyar के बयान ने नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
मणिशंकर अय्यर ने कुछ समय पहले कहा था कि विपक्षी गठबंधन INDIA की राजनीति में Mamata Banerjee की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने यहां तक कहा कि ममता के बिना INDIA गठबंधन की ताकत कमजोर पड़ सकती है। उनके इस बयान पर कांग्रेस के भीतर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं।

हालांकि बंगाल में मौजूदा संकट की वजह केवल एक बयान नहीं, बल्कि चुनावी हार के बाद उभरा संगठनात्मक असंतोष माना जा रहा है। हाल के दिनों में कई सांसदों और नेताओं ने पार्टी से दूरी बनाई है। रिपोर्टों के अनुसार टीएमसी के कई सांसदों ने अलग समूह बनाने की पहल की है, जबकि कुछ नेताओं ने राज्यसभा और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2026 के विधानसभा चुनाव में हार, संगठन के भीतर बढ़ती नाराजगी और नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवाल इस संकट के प्रमुख कारण हैं। चुनाव परिणामों के बाद पार्टी के अंदर आत्ममंथन और पुनर्गठन की मांग तेज हुई है।

दूसरी ओर, टीएमसी के कई वरिष्ठ नेताओं ने ममता बनर्जी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई है। Shatrughan Sinha और Babul Supriyo जैसे नेताओं ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि वे कठिन समय में ममता का साथ नहीं छोड़ेंगे।
फिलहाल बंगाल की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ममता बनर्जी पार्टी को फिर से एकजुट कर पाएंगी या नेताओं का यह पलायन आने वाले समय में टीएमसी के लिए और बड़ी चुनौती बन जाएगा।





