मुंद्रा एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल उड़ान के साथ अदाणी समूह ने विमानन क्षेत्र में विस्तार की रफ्तार बढ़ाई, अगले पांच वर्षों में बड़ा निवेश करने की तैयारी।

भारत के विमानन क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए अदाणी समूह ने बड़ा दांव खेला है। गुजरात के मुंद्रा एयरपोर्ट से पहली वाणिज्यिक उड़ान शुरू होने के साथ ही समूह ने अपने एयरपोर्ट कारोबार के विस्तार का स्पष्ट संकेत दे दिया है। अदाणी समूह अगले पांच वर्षों में एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगभग 90 हजार करोड़ से 1 लाख करोड़ रुपये तक निवेश करने की योजना बना रहा है। साथ ही कंपनी देश के 11 नए हवाई अड्डों के निजीकरण और संचालन की दौड़ में आक्रामक रूप से भाग लेने की तैयारी कर रही है।
मुंद्रा एयरपोर्ट पर मंगलवार को गोवा से पहली कमर्शियल फ्लाइट के उतरने के साथ एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। अदाणी समूह का कहना है कि यह एयरपोर्ट केवल यात्री सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक गतिविधियों से जोड़कर एक मल्टी-मॉडल बिजनेस और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
फिलहाल अदाणी एयरपोर्ट्स देश के कई प्रमुख हवाई अड्डों का संचालन कर रहा है और नवी मुंबई एयरपोर्ट समेत कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। समूह का लक्ष्य 2030 तक अपनी यात्री क्षमता को दोगुना से अधिक बढ़ाना और भारत के तेजी से बढ़ते एविएशन सेक्टर में अग्रणी भूमिका निभाना है। इसके लिए नए टर्मिनल, रनवे, टैक्सीवे और आधुनिक सुविधाओं पर बड़े पैमाने पर निवेश किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि मुंद्रा एयरपोर्ट की शुरुआत अदाणी समूह की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें बंदरगाह, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक कॉरिडोर को एक-दूसरे से जोड़कर एकीकृत इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।




