ज्येष्ठ पूर्णिमा पर ये आसान उपाय मानसिक तनाव कम करने और चंद्र दोष शांत करने में सहायक माने जाते हैं।

Jyeshtha Purnima 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा का विशेष धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा करने से सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्र दोष हो या वह लंबे समय से तनाव, चिंता, डिप्रेशन, अनिद्रा या मानसिक अस्थिरता से परेशान हो, तो ज्येष्ठ पूर्णिमा पर किए गए कुछ धार्मिक उपाय लाभकारी माने जाते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा मन, भावनाओं और मानसिक संतुलन का कारक ग्रह है। इसलिए चंद्र दोष होने पर व्यक्ति को मानसिक तनाव, निर्णय लेने में कठिनाई और भावनात्मक अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने और विशेष मंत्रों का जाप करने से शुभ फल प्राप्त होने की मान्यता है।
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर करें ये 5 उपाय
1. चंद्रमा को अर्घ्य दें
रात्रि में चंद्रमा के उदय होने पर दूध मिश्रित जल से अर्घ्य दें और मानसिक शांति की प्रार्थना करें।
2. ‘ॐ सोम सोमाय नमः’ मंत्र का जाप करें
कम से कम 108 बार इस मंत्र का जाप करने से चंद्र ग्रह मजबूत होता है और मन को स्थिरता मिलने की मान्यता है।
3. सफेद वस्तुओं का दान करें
चावल, दूध, चीनी, दही, सफेद वस्त्र या मोती जैसी वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है।
4. भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर विधि-विधान से पूजा करने और सत्यनारायण कथा सुनने या कराने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
5. ध्यान और चंद्र दर्शन करें
रात्रि में कुछ समय चंद्रमा की शीतल रोशनी में ध्यान लगाने से मन शांत होता है और सकारात्मक सोच विकसित होती है।

क्या रखें सावधानी?
ज्योतिषीय उपाय धार्मिक मान्यताओं पर आधारित होते हैं। यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से डिप्रेशन, चिंता या अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जूझ रहा है, तो उसे मनोचिकित्सक या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लेनी चाहिए। धार्मिक उपाय चिकित्सा का विकल्प नहीं हैं, बल्कि आस्था के अनुसार सहायक माने जाते हैं।





