एलपीजी की कमी से बढ़ी लागत, चाय-नाश्ते के दाम में उछाल छोटे दुकानदार पारंपरिक ईंधन पर लौटे

गैस संकट का असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ने लगा है। एलपीजी सिलेंडर की कमी और महंगी आपूर्ति के कारण चाय-नाश्ते की दुकानों पर लागत बढ़ गई है, जिसका असर कीमतों में दिखाई दे रहा है। कई जगहों पर चाय की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
छोटे दुकानदारों का कहना है कि गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिल पा रहा है और जो मिल रहा है, वह महंगा पड़ रहा है। ऐसे में कई दुकानदार मजबूर होकर लकड़ी और कोयले जैसे पारंपरिक ईंधन का इस्तेमाल करने लगे हैं, ताकि कारोबार चलाया जा सके।
दुकानदारों के मुताबिक, गैस की कमी के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है और मुनाफा भी घट रहा है। वहीं ग्राहकों को भी महंगी चाय और नाश्ते का बोझ उठाना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर गैस आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो छोटे कारोबारियों पर इसका असर और गहरा हो सकता है। इससे न केवल स्थानीय बाजार प्रभावित होगा, बल्कि रोजगार पर भी असर पड़ सकता है।
प्रशासन का कहना है कि गैस आपूर्ति को सामान्य करने के प्रयास जारी हैं और जल्द ही स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।






