NEET पेपर लीक और CBSE विवाद को लेकर संसदीय समिति ने NTA से मांगा जवाब, पूछा- आखिर ‘पेपर लीक’ की परिभाषा क्या है?
देशभर में चर्चा का विषय बने NEET पेपर लीक मामले और हालिया CBSE परीक्षा विवाद को लेकर संसदीय समिति ने कड़ा रुख अपनाया है। समिति ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर जवाब मांगा है।

बैठक के दौरान समिति ने NTA अधिकारियों से सीधा सवाल किया कि आखिर “पेपर लीक” की आधिकारिक परिभाषा क्या है? यदि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र या उससे जुड़ी जानकारी कुछ लोगों तक पहुंच जाती है, तो उसे किस आधार पर पेपर लीक माना जाता है और किस स्थिति में नहीं माना जाता।
समिति ने परीक्षा संचालन, सुरक्षा व्यवस्था, डिजिटल निगरानी और गोपनीयता से जुड़े प्रोटोकॉल पर भी विस्तृत जानकारी मांगी। सदस्यों ने कहा कि देश की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है और किसी भी तरह की लापरवाही लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर सकती है।

NEET 2024 विवाद के बाद से NTA की कार्यप्रणाली लगातार सवालों के घेरे में रही है। इसी बीच CBSE से जुड़े कुछ मामलों पर भी समिति ने चिंता जताई और परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।
सूत्रों के मुताबिक, समिति ने भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए अपनाए जा रहे सुरक्षा उपायों, तकनीकी सुधारों और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया पर भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि संसदीय समिति की यह सख्ती देश की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।







