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फतेहपुर: 15 करोड़ की पैतृक संपत्ति में बेटी को हिस्सा नहीं, भाइयों पर जालसाजी-टैक्स चोरी का आरोप, IGRS के बाद भी कार्रवाई नहीं

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आबूनगर की परवीन जहां का आरोप — 25 बीघा खेत 10 करोड़ में व मकान 1 करोड़ में बिना रजिस्ट्री बेचा, लाइसेंसी बंदूक भी हड़पी, धमकी देकर भगा देते हैं भाई

फतेहपुर। हसवा थाना क्षेत्र के आबूनगर पुलिस चौकी अंतर्गत मकान नंबर 729/664 निवासी परवीन जहां पुत्री रशीद उद्दीन पत्नी नफीस अहमद ने अपने चार सगे भाइयों पर पिता की 15 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति में हिस्सा न देने, जालसाजी कर बेचने और सरकारी टैक्स चोरी का गंभीर आरोप लगाया है।

शिकायतकर्ता परवीन जहां के अनुसार, उनके पिता रशीद उद्दीन पुत्र शेर खां के नाम 25 बीघा कृषि भूमि खसरा नंबर 1492, चार मकान और एक लाइसेंसी बंदूक थी। पिता की मृत्यु के बाद चारों भाइयों — 1. फरीद उद्दीन, 2. हबीब उद्दीन उर्फ बिक्कन, 3. हसन उद्दीन उर्फ बबन, 4. मोहम्मद उद्दीन — ने आपस में बंटवारा कर लिया, लेकिन उन्हें व अन्य बहनों को कोई हिस्सा नहीं दिया।

मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:

1. 25 बीघा खेत: आरोप है कि भाइयों ने इसे 10 करोड़ रुपये में बेच दिया। रजिस्ट्री नहीं कराई, स्टाम्प पर ही सौदा किया और आयकर भी नहीं दिया। खसरा नंबर 1492 अब भी पिता के नाम दर्ज है।
2. मकान नंबर 729/664: भाई हसन उद्दीन उर्फ बबन ने इस मकान को 1 करोड़ रुपये में बेच दिया। आरोप है कि रजिस्ट्री की जगह सिर्फ स्टाम्प पेपर पर लिखापढ़ी कर टैक्स बचाया गया।
3. लाइसेंसी बंदूक: कीमत करीब 10 लाख रुपये। आरोप है कि भाई मुस्सन ने चोरी-छिपे बंदूक अपने नाम करा ली।
4. चार मकान: कुल कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये। सभी मकान अब भी पिता रशीद उद्दीन के नाम दर्ज हैं। हाउस टैक्स भी उन्हीं के नाम कट रहा है, जिसकी रसीद परवीन जहां के पास है।

परवीन जहां ने बताया कि पिता के जीवित रहते चारों बहनों को एक-एक कमरे की जमीन दी थी। भाइयों ने उस पर भी कब्जा कर लिया। मजबूरी में 2019 में वह जमीन 1.60 लाख रुपये में बेचनी पड़ी, जिसमें चारों बहनों को 40-40 हजार रुपये मिले। अब भाई उसी 40 हजार की रसीद दिखाकर कहते हैं कि “हिस्सा दे दिया”। मूल खसरा व संपत्ति के कागज नहीं दिखाते।

शिकायतकर्ता के अनुसार, पिता के 4 बेटे व 5 बेटियां थीं, जिनमें 2 बेटियों की मृत्यु हो चुकी है। बाकी 2 बहनों को भाइयों ने “पैसा देकर” अपने पक्ष में कर लिया है। उन्होंने आबूनगर चौकी में लिखित बयान दिया है कि “हमें हिस्सा मिल चुका है, कोई हक नहीं चाहिए”।

परवीन जहां का कहना है कि 15 अप्रैल 2026 को खेत बेचे जाने की जानकारी मिलने पर उन्होंने IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। हिस्सा मांगने पर भाई धमकी देकर भगा देते हैं और कहते हैं “कोई हमारा कुछ नहीं कर पाएगा”।

परवीन जहां वर्तमान में लखनऊ में रहती हैं और उनके एक बेटा व एक बेटी है। उन्होंने कहा कि “हिंदू उत्तराधिकार संशोधन अधिनियम 2005 के तहत बेटियों को पिता की संपत्ति में बेटों के बराबर अधिकार है”। उन्होंने SP फतेहपुर, जिलाधिकारी व आयकर विभाग से जांच कर हिस्सा दिलाने, जालसाजी व टैक्स चोरी पर कार्रवाई की मांग की है।

Lokseva Bureau
Author: Lokseva Bureau

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