यूरोपीय हथियारों पर सवाल उठने पर जयशंकर का सख्त पलटवार

भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने यूरोपीय हथियारों और रक्षा खरीद से जुड़े सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत ने कभी भी यूरोप के किसी देश को खतरा नहीं पहुंचाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की रक्षा नीतियां पूरी तरह राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक जरूरतों पर आधारित हैं।

जयशंकर ने कहा कि भारत एक जिम्मेदार और लोकतांत्रिक राष्ट्र है, जिसने हमेशा वैश्विक शांति और स्थिरता का समर्थन किया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की रक्षा खरीद को किसी अन्य क्षेत्रीय या राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए।
विदेश मंत्री के इस बयान को भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और रणनीतिक स्वायत्तता के मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए रक्षा और सुरक्षा से जुड़े फैसले लेने के लिए स्वतंत्र है।
हाल के वर्षों में भारत ने विभिन्न देशों से रक्षा उपकरण और हथियार प्रणालियां खरीदी हैं। इस पर पश्चिमी देशों और यूरोपीय संस्थानों की ओर से समय-समय पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। हालांकि भारत लगातार यह कहता रहा है कि उसकी रक्षा खरीद का उद्देश्य केवल अपनी सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करना है।

जयशंकर के इस बयान ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि भारत अंतरराष्ट्रीय दबाव के बजाय अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखकर फैसले लेगा। राजनीतिक और रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते आत्मविश्वास और मजबूत कूटनीतिक रुख को दर्शाता है।




