पेपर लीक और री-एग्जाम का झांसा देकर छात्रों से ऐंठ रहे थे पैसे, पुलिस ने Telegram नेटवर्क का किया खुलासा

NEET परीक्षा से जुड़े छात्रों और अभिभावकों को निशाना बनाकर साइबर ठगी करने वाले एक Telegram गैंग का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो NEET री-एग्जाम और कथित पेपर लीक के नाम पर छात्रों को ठग रहे थे।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी Telegram पर कई चैनल और ग्रुप संचालित कर रहे थे। इन प्लेटफॉर्म्स पर छात्रों को यह विश्वास दिलाया जाता था कि उनके पास NEET री-एग्जाम का प्रश्नपत्र और परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी उपलब्ध है। इसके बदले छात्रों और अभिभावकों से मोटी रकम की मांग की जाती थी।
पुलिस को शिकायत मिली थी कि कुछ लोग सोशल मीडिया और Telegram के जरिए NEET उम्मीदवारों को फर्जी संदेश भेज रहे हैं। जांच के दौरान साइबर सेल ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो संदिग्धों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी छात्रों की परीक्षा को लेकर चिंता और असमंजस का फायदा उठाकर उन्हें झूठी जानकारी देते थे। कई छात्रों से ऑनलाइन भुगतान भी कराया गया, लेकिन बदले में कोई असली पेपर या वैध जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं तथा देशभर में कितने छात्रों को इसका शिकार बनाया गया। अधिकारियों ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी पेपर लीक, री-एग्जाम या परीक्षा से जुड़ी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान इस तरह की ठगी के मामले बढ़ जाते हैं। ऐसे में किसी भी Telegram, WhatsApp या सोशल मीडिया ग्रुप पर साझा की जा रही संदिग्ध जानकारी से सतर्क रहने की जरूरत है।




