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राम मंदिर चंदे पर डाका: 11 माह में 83 करोड़ का दान, सुरक्षा पर 10 करोड़ खर्च, फिर भी चोरी; चौंकाने वाले तथ्य सामने आए

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दानपात्रों से कथित हेराफेरी पर बड़ा खुलासा, करोड़ों की संपत्ति वाले कर्मचारी जांच के घेरे में; SIT कर रही पड़ताल

 

 

अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे और दान को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार पिछले 11 महीनों में मंदिर को करीब 83 करोड़ रुपये का दान मिला, जबकि सुरक्षा व्यवस्था पर लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके बावजूद दानपात्रों से कथित चोरी और हेराफेरी के आरोपों ने सभी को चौंका दिया है।

मामला तब चर्चा में आया जब दानपात्रों की ऑडिट और सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान कुछ कर्मचारियों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। आरोप है कि चढ़ावे की गिनती से जुड़े कुछ कर्मचारियों ने दान राशि में गड़बड़ी की। जांच में यह भी सामने आया कि 18 से 20 हजार रुपये मासिक वेतन पाने वाले कुछ कर्मचारियों ने करोड़ों रुपये की जमीन और संपत्तियां खरीद लीं, जिससे संदेह और गहरा गया।

जांच एजेंसियों ने एक कर्मचारी के घर से लगभग 10 लाख रुपये नकद बरामद किए, जिनमें कुछ रकम गोबर के ढेर में छिपाकर रखी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जो दान संग्रह, गिनती और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

विवाद के बीच कई राजनीतिक और धार्मिक नेताओं ने भी सवाल उठाए हैं। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह समेत कई नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का कहना है कि सच्चाई सामने लाने के लिए जांच में पूरा सहयोग दिया जा रहा है।

इस बीच सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भी पत्र भेजकर स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। श्रद्धालुओं और संत समाज का कहना है कि देश की आस्था से जुड़े इस मामले में पूरी पारदर्शिता और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है।

Lokseva Bureau
Author: Lokseva Bureau

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