ईरानी राष्ट्रपति ने कहा- केवल समझौता होना पर्याप्त नहीं, उसका प्रभावी क्रियान्वयन ही वास्तविक सफलता तय करेगा।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते की सफलता केवल उसके हस्ताक्षर होने से नहीं मापी जा सकती, बल्कि यह इस बात पर निर्भर करती है कि उसे कितनी ईमानदारी और प्रभावशीलता के साथ लागू किया जाता है।
राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा कि यदि दोनों पक्ष अपने-अपने दायित्वों का पालन करते हैं और समझौते की शर्तों को जमीन पर उतारते हैं, तभी इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान हमेशा ऐसे समझौतों का समर्थन करता है जो देश के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करें और क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत बनाएं।

विशेषज्ञों का मानना है कि पेजेशकियन का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने तथा कूटनीतिक संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिशें जारी हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी दोनों देशों के बीच किसी सकारात्मक समझौते की दिशा में हो रही प्रगति पर नजर बनाए हुए है।




