दिल्ली यूनिवर्सिटी ने ऐसे अभ्यर्थियों के लिए जारी किए दिशा-निर्देश, आवेदन में गलती से बचने की सलाह।

दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के Common Seat Allocation System (CSAS) के तहत दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस बीच कई छात्र ऐसे हैं जिनका री-इवैल्युएशन (Re-evaluation) का रिजल्ट अभी तक घोषित नहीं हुआ है। ऐसे छात्रों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या वे आवेदन कर सकते हैं और आवेदन करते समय कौन-सी जानकारी भरें।

विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिन अभ्यर्थियों का संशोधित परिणाम अभी जारी नहीं हुआ है, वे फिलहाल उपलब्ध मूल (Original) अंक/मार्कशीट के आधार पर CSAS पोर्टल पर आवेदन करें। यदि बाद में री-इवैल्युएशन का परिणाम घोषित होता है और अंक बदलते हैं, तो अभ्यर्थी को विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए निर्धारित प्रावधान या दस्तावेज़ सत्यापन के दौरान अपडेटेड मार्कशीट प्रस्तुत करनी होगी।

DU ने छात्रों को सलाह दी है कि आवेदन भरते समय किसी भी प्रकार की गलत जानकारी या अनुमानित अंक दर्ज न करें। केवल वही जानकारी भरें जो आधिकारिक दस्तावेज़ों में उपलब्ध है। यदि किसी चरण में सुधार (Correction Window) की सुविधा दी जाती है, तो उसका उपयोग निर्धारित समय सीमा के भीतर करें।
विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि CSAS प्रक्रिया के हर चरण की जानकारी, नोटिस और अपडेट आधिकारिक प्रवेश पोर्टल पर जारी किए जाएंगे। इसलिए अभ्यर्थियों को नियमित रूप से DU Admission Portal पर नज़र रखने की सलाह दी गई है, ताकि किसी महत्वपूर्ण सूचना या समय-सीमा से वे वंचित न रहें।






