12 साल में किसकी हुई छुट्टी, किन नए चेहरों को मिली जगह?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्षों के दौरान केंद्रीय मंत्रिपरिषद में कई बार बड़े बदलाव देखने को मिले। मई 2014 में पहली बार मोदी सरकार बनने के बाद नवंबर 2014 में शुरुआती बड़ा विस्तार हुआ, जिसमें मनोहर पर्रिकर, सुरेश प्रभु और जेपी नड्डा जैसे चेहरों को अहम जिम्मेदारियां मिलीं।

इसके बाद जुलाई 2016 में बड़ा फेरबदल हुआ। इस दौरान प्रकाश जावड़ेकर को कैबिनेट रैंक मिला और कई नए मंत्रियों को सरकार में शामिल किया गया। सितंबर 2017 के बदलाव में निर्मला सीतारमण को रक्षा मंत्रालय जैसी बड़ी जिम्मेदारी मिली, जबकि पीयूष गोयल और धर्मेंद्र प्रधान समेत कई नेताओं का कद बढ़ा।

2019 में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत नई मंत्रिपरिषद के साथ हुई। जुलाई 2021 में सबसे बड़े कैबिनेट फेरबदलों में से एक हुआ। रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावड़ेकर, हर्षवर्धन और रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ समेत कई बड़े चेहरों ने पद छोड़ा। वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया, अश्विनी वैष्णव, मनसुख मंडाविया और अनुराग ठाकुर जैसे नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं।
जून 2024 में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के साथ नई मंत्रिपरिषद बनी। इस बार भाजपा के साथ एनडीए सहयोगी दलों को भी महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व मिला। जेपी नड्डा की केंद्रीय मंत्रिमंडल में वापसी हुई, जबकि शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल खट्टर, एचडी कुमारस्वामी, जीतन राम मांझी और चिराग पासवान जैसे नेताओं को जगह मिली।
कुल मिलाकर मोदी सरकार के कार्यकाल में कैबिनेट विस्तार और फेरबदल का इस्तेमाल क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक समीकरण, सहयोगी दलों की भागीदारी, प्रशासनिक प्रदर्शन और चुनावी रणनीति के हिसाब से किया जाता रहा है। अब एक बार फिर संभावित कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं के बीच सवाल उठ रहा है कि किन चेहरों का कद बढ़ेगा और किसकी छुट्टी हो सकती है।






