अमेरिका और ईरान के बीच 14 सूत्रीय शांति समझौता लागू, होर्मुज़ जलडमरूमध्य फिर खुलेगा;
युद्धविराम और परमाणु मुद्दे पर आगे होगी बातचीत

पश्चिम एशिया में कई महीनों से जारी तनाव और संघर्ष को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अमेरिका और ईरान ने ऐतिहासिक शांति समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian की हस्ताक्षरित तस्वीरें सामने आने के बाद इस समझौते की आधिकारिक पुष्टि हो गई है।
समझौते के तहत दोनों देशों ने सैन्य टकराव समाप्त करने, क्षेत्रीय तनाव कम करने और खाड़ी क्षेत्र में समुद्री यातायात को सामान्य बनाने पर सहमति जताई है। इसके अलावा, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को दोबारा खोलने और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने का भी प्रावधान शामिल है।
14 बिंदुओं वाले इस प्रारंभिक समझौते में ईरान ने परमाणु हथियार विकसित न करने की प्रतिबद्धता दोहराई है, जबकि अमेरिका ने कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में राहत और जमे हुए ईरानी फंड्स तक पहुंच बहाल करने की दिशा में कदम बढ़ाने पर सहमति जताई है। दोनों देशों के बीच अगले 60 दिनों तक विस्तृत वार्ता चलेगी, जिसके बाद स्थायी समझौते का रास्ता तैयार किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से वैश्विक तेल बाजार को राहत मिल सकती है, क्योंकि होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। इसके खुलने से तेल आपूर्ति सामान्य होने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थिरता आने की उम्मीद है।
हालांकि समझौते को लेकर कुछ देशों और राजनीतिक समूहों ने सवाल भी उठाए हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसे पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रहा है।




