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‘रक्षक ही बने भक्षक’: NTA के कुछ शिक्षकों ने तोड़ा भरोसा, शिक्षा मंत्री ने बताया Re-Exam को कैसे सुरक्षित रखा

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पेपर लीक विवाद के बाद सरकार सख्त, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

 

 

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच पैदा हुए अविश्वास को दूर करने के लिए केंद्र सरकार और National Testing Agency (NTA) ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि परीक्षा प्रणाली की रक्षा करने वाले कुछ लोगों ने ही भरोसा तोड़ा, लेकिन सरकार ने इस बार री-एग्जाम को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए।

शिक्षा मंत्री के अनुसार, री-एग्जाम से पहले देशभर में मॉक ड्रिल कराई गई, परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा की समीक्षा की गई और प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों को पूरी प्रक्रिया के दौरान कड़ी निगरानी में रखा गया। प्रश्नपत्र निर्माण से लेकर उसके परिवहन और वितरण तक हर चरण पर मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई।

NTA ने फर्जी संदेशों और धोखाधड़ी रोकने के लिए सत्यापित WhatsApp अलर्ट सेवा भी शुरू की, ताकि अभ्यर्थियों तक केवल आधिकारिक जानकारी पहुंचे। इसके अलावा डिजिटल ट्रैकिंग, पुलिस निगरानी और रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की गईं।

री-एग्जाम के बाद NTA ने दावा किया कि परीक्षा शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हुई तथा पेपर लीक से जुड़ी कोई नई शिकायत सामने नहीं आई। सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ जांच जारी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार किए जाएंगे।

Lokseva Bureau
Author: Lokseva Bureau

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