अयोध्या भूमि और विकास परियोजनाओं को लेकर सपा प्रमुख ने सरकार पर साधा निशाना, जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

Akhilesh Yadav ने अयोध्या से जुड़े कथित भूमि और विकास कार्यों के मुद्दे पर सरकार पर तीखा हमला बोला है। समाजवादी पार्टी प्रमुख ने आरोप लगाते हुए कहा कि “अयोध्या में महापाप हुआ है” और मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी (SIT) पर भी सवाल खड़े किए।
अखिलेश यादव ने कहा कि जिस एसआईटी से निष्पक्ष जांच की उम्मीद की जा रही है, वह अपनी भूमिका सही तरीके से निभाती दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “SIT का मतलब शेयर इन थेफ्ट (Share in Theft) यानी चोरी में हिस्सेदारी हो गया है।” उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि अयोध्या में हुए भूमि सौदों और विकास परियोजनाओं से जुड़े कई मामलों में पारदर्शिता की कमी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि जनता को सच्चाई जानने का अधिकार है और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। अखिलेश यादव ने यह भी दावा किया कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से कराई जाए तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अयोध्या केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा विषय है। ऐसे में वहां किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार के आरोप बेहद गंभीर हैं और उनकी पारदर्शी जांच आवश्यक है।

वहीं भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने अखिलेश यादव के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है। भाजपा का कहना है कि अयोध्या में विकास कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ किए जा रहे हैं और विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह के बयान दे रहा है।
अयोध्या को लेकर दिए गए अखिलेश यादव के इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।





