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बुखार कब बन सकता है खतरनाक? जानिए किन लक्षणों को न करें नजरअंदाज और अस्पताल जाने का सही समय

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सामान्य बुखार अक्सर कुछ दिनों में ठीक हो जाता है, लेकिन तेज तापमान, लंबे समय तक बुखार या कुछ गंभीर लक्षण शरीर में बड़ी समस्या का संकेत हो सकते हैं। जानिए कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

 

 

बुखार (Fever) शरीर की एक सामान्य प्रतिक्रिया है, जो अक्सर किसी संक्रमण, वायरस या बैक्टीरिया से लड़ने के दौरान होती है। अधिकांश मामलों में बुखार कुछ दिनों में दवा, आराम और पर्याप्त तरल पदार्थ लेने से ठीक हो जाता है। हालांकि, हर बुखार सामान्य नहीं होता। कुछ परिस्थितियों में यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है और समय पर इलाज न मिलने पर स्थिति बिगड़ सकती है।

चिकित्सकों के अनुसार, यदि किसी वयस्क का शरीर का तापमान 103°F (39.4°C) या उससे अधिक हो जाए, या बुखार तीन दिन से अधिक बना रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। इसी तरह यदि बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, लगातार उल्टी, भ्रम (Confusion), बेहोशी, दौरे, गर्दन में अकड़न, तेज सिरदर्द या शरीर पर असामान्य चकत्ते दिखाई दें, तो इसे मेडिकल इमरजेंसी माना जा सकता है और तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।

इन परिस्थितियों में तुरंत अस्पताल जाएं

  • शरीर का तापमान 103°F (39.4°C) या उससे अधिक हो।
  • बुखार तीन दिन या उससे अधिक समय तक बना रहे।
  • सांस लेने में कठिनाई या सीने में दर्द महसूस हो।
  • बार-बार उल्टी या शरीर में पानी की गंभीर कमी (डिहाइड्रेशन) हो।
  • बेहोशी, भ्रम, अत्यधिक सुस्ती या दौरे पड़ें।
  • गर्दन में अकड़न और तेज सिरदर्द हो।
  • त्वचा पर बैंगनी या लाल रंग के असामान्य चकत्ते दिखाई दें।
  • मरीज पहले से गंभीर बीमारी, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली या गर्भावस्था जैसी विशेष स्थिति में हो।

बच्चों में कब ज्यादा सावधानी जरूरी है?

बच्चों में बुखार को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है। यदि 3 महीने से कम उम्र के शिशु को 100.4°F (38°C) या उससे अधिक बुखार हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बड़े बच्चों में यदि बुखार लगातार बना रहे, बच्चा बहुत सुस्त हो, खाना-पीना छोड़ दे, सांस लेने में दिक्कत हो या दौरे पड़ें, तो भी तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए।

बुखार में क्या करें?

  • पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस, नारियल पानी या अन्य तरल पदार्थ लें।
  • आराम करें और हल्का, पौष्टिक भोजन करें।
  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही बुखार की दवा लें।
  • बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक दवाएं न लें।
  • यदि लक्षण गंभीर हों या बुखार लगातार बढ़ रहा हो, तो स्वयं इलाज करने के बजाय डॉक्टर से जांच कराएं।

विशेषज्ञों का कहना है कि बुखार स्वयं कोई बीमारी नहीं, बल्कि शरीर का एक संकेत है। इसलिए यदि बुखार के साथ गंभीर लक्षण दिखाई दें या मरीज की स्थिति लगातार बिगड़ रही हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर चिकित्सा सहायता लेने से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।

नोट: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय समस्या या गंभीर लक्षण होने पर योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

Lokseva Bureau
Author: Lokseva Bureau

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