SEBI ने सेटलमेंट आवेदन खारिज किया, वहीं देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार मजबूत हुआ।

बिजनेस जगत से शुक्रवार को दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। पहली खबर में SEBI ने उद्योगपति अनिल अंबानी और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा झटका देते हुए कंपनी फंड के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में उनके सेटलमेंट आवेदन (Settlement Applications) को खारिज कर दिया है। नियामक के अनुसार, कंपनी के फंड को कथित तौर पर संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाने के आरोपों की जांच जारी रहेगी। अनिल अंबानी समूह ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि मामला अदालत में विचाराधीन है और वे कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखेंगे।

दूसरी ओर, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरी खबर यह रही कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) 20 जून को समाप्त सप्ताह में 96.3 करोड़ डॉलर बढ़कर लगभग 706 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (FCA) में वृद्धि इसकी प्रमुख वजह रही। मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार को रुपये की स्थिरता, आयात भुगतान क्षमता और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं से निपटने के लिहाज से सकारात्मक माना जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि एक ओर SEBI की कार्रवाई कॉरपोरेट गवर्नेंस और निवेशकों के हितों की सुरक्षा के प्रति नियामक की सख्ती को दर्शाती है, वहीं विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और वित्तीय स्थिरता का सकारात्मक संकेत है।






