विदेशों से उठी संवाद और समाधान की मांग

नई दिल्ली: देश में जारी CJP आंदोलन और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आवाज़ें उठने लगी हैं। विभिन्न देशों में भारतीय समुदाय, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए भारत सरकार से आंदोलनकारी छात्रों और सोनम वांगचुक के साथ संवाद शुरू करने की अपील की है।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर शांतिपूर्ण मार्च निकाला और कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों तथा छात्रों की मांगों का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए। कई प्रदर्शनकारियों ने सोनम वांगचुक के लंबे अनशन पर भी चिंता जताई और उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की।
विदेशों में आयोजित इन प्रदर्शनों के दौरान लोगों ने भारत सरकार से अपील की कि छात्र संगठनों और आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ जल्द से जल्द वार्ता शुरू की जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति और विरोध की आवाज़ को संवाद के माध्यम से सुना जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि आंदोलन से जुड़े मामलों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जाए।
इस बीच भारत में भी CJP आंदोलन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। संसद से लेकर सड़कों तक इस मुद्दे पर बहस जारी है। विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि वह शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से अनशन पर हैं। हाल ही में उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, हालांकि उनके समर्थकों का कहना है कि उनका आंदोलन जारी रहेगा। उनके समर्थन में देश के भीतर कई सामाजिक संगठनों, कलाकारों और सार्वजनिक हस्तियों ने भी सरकार से बातचीत शुरू करने की अपील की है।

विदेशों में हुए प्रदर्शनों के आयोजकों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का समर्थन करना नहीं, बल्कि छात्रों की चिंताओं और सोनम वांगचुक की मांगों की ओर ध्यान आकर्षित करना है। उन्होंने भारत सरकार से अपील की कि सभी पक्षों के साथ सकारात्मक संवाद स्थापित कर ऐसा समाधान निकाला जाए जो लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप हो।






