सऊदी और अमेरिकी सेना की संयुक्त कार्रवाई, इराक में ईरान समर्थित ठिकानों पर हमले; कई लड़ाकों के मारे जाने का दावा

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच संघर्ष ने नया मोड़ ले लिया है। सऊदी अरब ने पहली बार खुलकर अमेरिका के साथ मिलकर इराक में ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों के खिलाफ संयुक्त सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, दोनों देशों की सेनाओं ने इराक में उन ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए, जहां से अमेरिकी सैनिकों और सऊदी अरब के ऊर्जा ढांचे पर ड्रोन हमलों की योजना बनाई जा रही थी।

इराक के पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) ने दावा किया है कि इन हमलों में उसके 8 सदस्यों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। कुछ अन्य मीडिया रिपोर्टों में मृतकों की संख्या अधिक बताई गई है, लेकिन इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए 10 लोगों की मौत का दावा सभी आधिकारिक स्रोतों से पुष्ट नहीं है।
सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कार्रवाई हाल के ड्रोन हमलों के जवाब में आत्मरक्षा के अधिकार के तहत की गई है। रियाद का कहना है कि उसका उद्देश्य तनाव बढ़ाना नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा और महत्वपूर्ण ऊर्जा प्रतिष्ठानों की रक्षा करना है।

इस संयुक्त सैन्य अभियान के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जवाबी कार्रवाई का सिलसिला जारी रहा, तो मध्य पूर्व में संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है।






