सरकार बोली- एथेनॉल मिश्रण नहीं होता तो दिल्ली में पेट्रोल ₹125 प्रति लीटर तक पहुंच सकता था

केंद्र सरकार ने दावा किया है कि एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम के कारण देश में पेट्रोल की कीमतों पर दबाव कम हुआ है। सरकार के अनुसार, यदि पेट्रोल में एथेनॉल का मिश्रण (ब्लेंडिंग) नहीं किया गया होता, तो दिल्ली में पेट्रोल की कीमत लगभग ₹125 प्रति लीटर तक पहुंच सकती थी। मौजूदा समय में दिल्ली में इसकी कीमत करीब ₹102 प्रति लीटर है, यानी उपभोक्ताओं को लगभग ₹30 प्रति लीटर की राहत मिल रही है।

सरकार का कहना है कि एथेनॉल ब्लेंडिंग से कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के आयात पर निर्भरता घटाने में मदद मिली है। इससे विदेशी मुद्रा की बचत हुई है, किसानों को गन्ने और अन्य फीडस्टॉक से अतिरिक्त आय के अवसर मिले हैं और पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। एथेनॉल के अधिक उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने की दिशा में भी मदद मिलने का दावा किया गया है।

सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में एथेनॉल मिश्रण की दर में लगातार बढ़ोतरी की है और निर्धारित लक्ष्यों को समय से पहले हासिल करने की दिशा में काम किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय में यह नीति ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत कर सकती है, हालांकि पेट्रोल की खुदरा कीमतें केवल एथेनॉल ब्लेंडिंग से नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम, टैक्स, रिफाइनिंग लागत और अन्य आर्थिक कारकों से भी प्रभावित होती हैं।
एथेनॉल ब्लेंडिंग को सरकार ऊर्जा आत्मनिर्भरता, किसानों की आय बढ़ाने और हरित ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बता रही है।






