कपाट बंद होने की बात पर विवाद, पुलिस पहुंची; कांवड़ियों ने पुजारी पर भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया

नैमिषारण्य: सावन माह में भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए हरदोई के राजघाट से गंगाजल लेकर पहुंचे दर्जनों डाक कांवड़ियों को देव देवेश्वर धाम में जलाभिषेक के दौरान कथित रूप से रोक दिए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी फैल गई और स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, शुक्लापुर गांव के दर्जनों युवा डाक कांवड़िए शुक्रवार रात करीब 10 बजे मंदिर पहुंचे थे। कांवड़िए हरदोई के राजघाट से मां गंगा का पवित्र जल लेकर पैदल मंदिर पहुंचे थे। श्रद्धालुओं का आरोप है कि मंदिर पहुंचने पर पुजारी ने यह कहते हुए जलाभिषेक से रोक दिया कि बाबा का श्रृंगार और आरती पूरी हो चुकी है तथा मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं।
इस बात को लेकर कांवड़ियों में नाराजगी बढ़ गई। स्थानीय लोगों ने मामला शांत कराने के लिए पिछले द्वार से एक-एक करके जलाभिषेक कराने का सुझाव दिया, लेकिन कांवड़ियों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि वे सामूहिक डाक कांवड़ लेकर आए हैं और अलग-अलग जलाभिषेक उनकी परंपरा के अनुरूप नहीं है।
बाद में काफी समझाने-बुझाने के बाद श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया, लेकिन अपनी नाराजगी जताते हुए 112 पर कॉल कर पुलिस को बुलाया। मौके पर पहुंची पुलिस के सामने कांवड़ियों ने मंदिर व्यवस्था को लेकर अपनी शिकायत रखी और आरोप लगाया कि उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया।
मामले को देखते हुए पुलिस ने मंदिर प्रबंधन को निर्देश दिया कि मंदिर खुलने और बंद होने का समय स्पष्ट रूप से परिसर की दीवार पर प्रदर्शित किया जाए, ताकि भविष्य में श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
फिलहाल घटना को लेकर किसी अप्रिय स्थिति की सूचना नहीं है। सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए मंदिर प्रशासन से समय-सारिणी और दर्शन-जलाभिषेक व्यवस्था को लेकर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है।






