हर मंडल में रोजगार मेले, अप्रेंटिसशिप और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग बढ़ाने के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए युवाओं को बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराने के लिए ITIs को अधिक से अधिक उद्योगों से जोड़ने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण संस्थानों में उद्योगों की जरूरत के अनुसार पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित किए जाएं, ताकि प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने अप्रेंटिसशिप और ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कौशल विकास की योजनाओं को केवल स्थानीय रोजगार तक सीमित न रखा जाए, बल्कि युवाओं को वैश्विक रोजगार के अवसरों के लिए भी तैयार किया जाए।

उन्होंने प्रत्येक मंडल मुख्यालय पर नियमित रूप से रोजगार मेलों का आयोजन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के अनुसार, रोजगार मेलों के माध्यम से प्रशिक्षित युवाओं और विभिन्न उद्योगों के बीच सीधा संपर्क स्थापित किया जा सकता है।
बैठक में ITIs में अनुदेशकों की उपलब्धता और प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्याप्त संख्या में योग्य अनुदेशक होना गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के लिए आवश्यक है। उन्होंने अनुदेशकों की चयन प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही चयनित अनुदेशकों की नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया में उनके अनुभव और कार्य के आधार पर वेटेज देने का प्रावधान करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्वेंशन, इन्क्यूबेशन एंड ट्रेनिंग (CIIIT) केंद्रों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने गोरखपुर, मुजफ्फरनगर और बरेली में स्थापित CIIIT केंद्रों का संचालन जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।
सरकार का जोर कौशल प्रशिक्षण को उद्योगों की मांग, अप्रेंटिसशिप, रोजगार और वैश्विक अवसरों से जोड़कर युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने पर है।






