पार्टी के दो आंतरिक सर्वे में कमजोर प्रदर्शन सामने आने के बाद कई विधायकों की टिकट पर उठे सवाल

Uttarakhand में आगामी चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी की अंदरूनी हलचल तेज हो गई है। पार्टी के हालिया दो आंतरिक सर्वे में कई मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन को लेकर नकारात्मक रिपोर्ट सामने आने के बाद आठ विधायकों की तैयारी और संभावित उम्मीदवारी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
सूत्रों के मुताबिक भाजपा संगठन ने हाल ही में अलग-अलग एजेंसियों से क्षेत्रवार फीडबैक और जनमत सर्वे कराया था। इन सर्वे में कुछ विधायकों के प्रति जनता की नाराजगी, क्षेत्र में कमजोर सक्रियता और संगठन से तालमेल की कमी जैसी बातें सामने आई हैं। इसी आधार पर पार्टी अब टिकट वितरण में बड़े बदलाव के संकेत दे रही है।

बताया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व इस बार “विनिंग एबिलिटी” यानी जीत की संभावना को सबसे बड़ा पैमाना मानकर उम्मीदवारों का चयन करेगा। ऐसे में जिन विधायकों की रिपोर्ट कमजोर आई है, उनकी टिकट कटने की आशंका बढ़ गई है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा हाईकमान चुनाव से पहले एंटी-इनकंबेंसी कम करने के लिए कई सीटों पर नए चेहरों को मौका दे सकती है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी आधिकारिक तौर पर किसी विधायक का नाम सामने नहीं आया है।
उधर, सर्वे रिपोर्ट की खबरों के बाद पार्टी के भीतर हलचल तेज हो गई है। कई विधायक अब अपने क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ाने और संगठन के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क साधने में जुट गए हैं।






