वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आर्थिक विकास को गति देने, निवेश आकर्षित करने और कारोबारी माहौल बेहतर बनाने पर हुई चर्चा

दुनिया भर में बढ़ती आर्थिक अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शनिवार को प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में भारत की आर्थिक विकास दर को मजबूत बनाए रखने और वैश्विक चुनौतियों से निपटने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक का मुख्य फोकस ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) और ‘ईज ऑफ लिविंग’ (Ease of Living) को और बेहतर बनाने पर रहा। सरकार का मानना है कि नियमों को सरल बनाकर, अनुपालन संबंधी बोझ कम करके और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करके भारत आर्थिक विकास की रफ्तार को और तेज कर सकता है।
प्रधानमंत्री ने आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्यों से सुझाव मांगे कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत किस तरह अपनी आर्थिक मजबूती बनाए रख सकता है। बैठक में विदेशी निवेश आकर्षित करने, उद्योगों को प्रोत्साहन देने और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

हाल ही में भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7 प्रतिशत की GDP वृद्धि दर्ज की है, जिसे सरकार आर्थिक सुधारों और मजबूत नीतियों का परिणाम मान रही है। सरकार का लक्ष्य इस गति को बनाए रखते हुए भारत को दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकटों के बीच भारत का सुधार-केंद्रित दृष्टिकोण विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा सकता है। सरकार भी लगातार नियमों के सरलीकरण, डिजिटल प्रक्रियाओं के विस्तार और कारोबारी माहौल को अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दे रही है।
इस बैठक को आने वाले समय में भारत की आर्थिक नीति की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करते हुए भारत की अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है।




