सबसे बड़ा खिलाड़ी और खिलाड़ियों का खिलाड़ी जैसी सुपरहिट फिल्मों के निर्देशक बोले— वक्त के साथ बदल गया दर्शकों का टेस्ट

बॉलीवुड के ‘खिलाड़ी कुमार’ कहे जाने वाले अभिनेता Akshay Kumar की ‘खिलाड़ी’ सीरीज 90 के दशक की सबसे लोकप्रिय फिल्म फ्रेंचाइजी में से एक रही है। ‘खिलाड़ी’, ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’, ‘खिलाड़ियों का खिलाड़ी’, ‘इंटरनेशनल खिलाड़ी’ और ‘खिलाड़ी 420’ जैसी फिल्मों ने अक्षय कुमार को एक्शन स्टार के रूप में स्थापित किया था।
हाल ही में इस सीरीज से जुड़ी फिल्मों के निर्देशक Umesh Mehra ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि आखिर क्यों ‘खिलाड़ी’ ब्रांड की फिल्में धीरे-धीरे बंद हो गईं। उनके अनुसार, समय के साथ दर्शकों की पसंद बदल गई और फिल्म इंडस्ट्री में कंटेंट आधारित फिल्मों का दौर शुरू हो गया, जिसके चलते पुराने फॉर्मेट की एक्शन-थ्रिलर फिल्मों की मांग कम होने लगी।
उमेश मेहरा ने बताया कि ‘खिलाड़ी’ सीरीज की सफलता का सबसे बड़ा कारण उसका अलग अंदाज, रोमांचक स्टंट और रहस्य से भरपूर कहानी थी। लेकिन बाद के वर्षों में दर्शक नए विषयों और अलग तरह के मनोरंजन की ओर आकर्षित होने लगे। ऐसे में उसी फॉर्मूले को बार-बार दोहराना सही नहीं माना गया।
‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’ (1995), ‘खिलाड़ियों का खिलाड़ी’ (1996) और ‘इंटरनेशनल खिलाड़ी’ (1999) जैसी फिल्मों का निर्देशन उमेश मेहरा ने किया था। इनमें से कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफल साबित हुईं और अक्षय कुमार की पहचान ही ‘खिलाड़ी’ बन गई।

हालांकि बाद में अक्षय कुमार ने अपने करियर में कॉमेडी, सामाजिक मुद्दों और देशभक्ति से जुड़ी फिल्मों की ओर रुख किया। ‘एयरलिफ्ट’, ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’, ‘रुस्तम’ और ‘केसरी’ जैसी फिल्मों ने उन्हें एक बहुआयामी अभिनेता के रूप में स्थापित किया।
फिल्मी गलियारों में आज भी ‘खिलाड़ी’ फ्रेंचाइजी की वापसी को लेकर चर्चाएं होती रहती हैं। हालांकि अभी तक किसी नई ‘खिलाड़ी’ फिल्म की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन अक्षय कुमार के प्रशंसकों के बीच इस लोकप्रिय ब्रांड को लेकर उत्साह आज भी बरकरार है।






