आंसू गैस और लाठीचार्ज के आरोप, कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने का दावा; घटना को लेकर सियासत तेज

राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता अभिजीत दीपके को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इसके बाद बड़ी संख्या में लोग संसद की ओर बढ़ने लगे, जहां पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। प्रदर्शनकारियों का यह भी दावा है कि हालात बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया, जिससे कई लोग घायल हो गए।

प्रदर्शनकारी पेपर लीक और अन्य मुद्दों को लेकर अपनी मांगें उठा रहे थे। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और संसद मार्ग के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
दूसरी ओर, पुलिस की ओर से कहा गया कि संसद क्षेत्र की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की, जबकि प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

घटना के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया, जबकि सत्ता पक्ष ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस घटनाक्रम के बाद दिल्ली की राजनीति और संसद के भीतर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है।






