विशेषज्ञों के अनुसार सही तरीके से करने पर मिल सकती है दर्द और सूजन से राहत, लेकिन हर किसी के लिए नहीं

इन दिनों सोशल मीडिया पर आइस बॉटल थेरेपी (Ice Bottle Therapy) तेजी से वायरल हो रही है। इस थेरेपी में ठंडे पानी या बर्फ से भरी प्लास्टिक की बोतल को पैरों के तलवों के नीचे आगे-पीछे रोल किया जाता है। दावा किया जाता है कि इससे पैरों का दर्द, थकान और सूजन कम होती है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई चमत्कारी इलाज नहीं, बल्कि सीमित परिस्थितियों में राहत देने वाली एक घरेलू तकनीक हो सकती है।

फिजियोथेरेपिस्ट बताते हैं कि यदि किसी व्यक्ति को प्लांटर फैसाइटिस (एड़ी और तलवे का दर्द), लंबे समय तक खड़े रहने से पैरों में थकान या हल्की सूजन की समस्या है, तो 10–15 मिनट तक ठंडी बोतल को धीरे-धीरे रोल करने से सूजन कम करने और दर्द में अस्थायी राहत मिल सकती है। ठंडक रक्त प्रवाह और सूजन पर असर डालती है, जिससे आराम महसूस हो सकता है।

हालांकि, डॉक्टर चेतावनी देते हैं कि मधुमेह के कारण नसों की संवेदनशीलता कम होने, गंभीर चोट, फ्रैक्चर, त्वचा संबंधी संक्रमण या रक्त संचार की समस्या वाले लोगों को बिना चिकित्सकीय सलाह के यह थेरेपी नहीं अपनानी चाहिए। लगातार तेज दर्द या सूजन होने पर केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है।
कुल मिलाकर, Ice Bottle Therapy कुछ मामलों में अस्थायी राहत दे सकती है, लेकिन इसे किसी गंभीर बीमारी का उपचार नहीं माना जाना चाहिए।






