जंग के बीच तेज हुई कूटनीति, लेकिन शांति समझौते पर अब भी बनी अनिश्चितता

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच तनाव कम होने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिख रहे हैं। लगातार 10वें दिन भी अमेरिका ने ईरान से जुड़े सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले जारी रखे। दूसरी ओर, कूटनीतिक प्रयासों को गति देने के लिए ईरान के गृह मंत्री इस्कंदर मोमेनी पाकिस्तान पहुंचे, जहां उन्होंने मध्यस्थों से मुलाकात कर संभावित युद्धविराम और बातचीत के विकल्पों पर चर्चा की।
रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान, कतर, ओमान और मिस्र जैसे देश दोनों पक्षों के बीच तनाव कम कराने की कोशिश कर रहे हैं। प्रस्तावित युद्धविराम और आगे की वार्ता को लेकर कई दौर की कूटनीतिक बातचीत चल रही है, लेकिन अब तक किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई है।
इस बीच, अमेरिका और ईरान दोनों की ओर से सैन्य कार्रवाई जारी है। क्षेत्र में हो रहे हमलों का असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ी है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार संयम बरतने की अपील कर रहा है।
शांति कब? फिलहाल इसका स्पष्ट जवाब नहीं है। कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन दोनों पक्ष अभी भी अपनी-अपनी रणनीतिक शर्तों पर कायम हैं। ऐसे में युद्धविराम की संभावना बातचीत की सफलता और जमीनी हालात पर निर्भर करेगी।






