राहुल ने सरकार पर छात्रों की आवाज़ दबाने का आरोप लगाया, पुलिस ने दावों से किया इनकार।

CJP (Cockroach Janta Party) के नेतृत्व में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर सियासी घमासान और तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान एक युवक पर पैलेट गन चलाई गई, जिससे वह घायल हो गया। उन्होंने इस घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयान में कहा कि यदि छात्र अपने भविष्य और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी नहीं कर सकते, तो यह लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज़ दबाने के लिए बल प्रयोग कर रही है। इसी दौरान उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को निशाने पर लेते हुए उन्हें “अपराधी शिक्षा मंत्री” बताया और उनके इस्तीफे की मांग दोहराई।
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और प्रदर्शनकारियों के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया गया और सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे ऐसे दावे भ्रामक हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मानक सुरक्षा उपाय अपनाए गए थे और किसी भी प्रकार की पैलेट फायरिंग नहीं हुई।
वहीं, CJP और आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान घायल हुए एक युवक को पैलेट जैसे छर्रों से चोट लगी। इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें और वीडियो भी वायरल हुए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस लगातार इन आरोपों का खंडन कर रही है।
छात्र आंदोलन का मुख्य मुद्दा कथित परीक्षा अनियमितताओं, पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करना और शिक्षा व्यवस्था में सुधार है। प्रदर्शनकारी लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस बीच केंद्र सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच बातचीत भी हुई है, लेकिन अब तक कोई अंतिम समाधान सामने नहीं आया है।

इस पूरे घटनाक्रम ने संसद से लेकर सड़कों तक राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है। विपक्ष सरकार पर छात्रों की आवाज़ दबाने का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार और पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए और हिंसा या पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोप तथ्यात्मक नहीं हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीति और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।






