पिछले साल से 45% ज्यादा व्यापार, राखी के साथ उपहार और मिठाई बाजार भी चमकेगा

रक्षाबंधन के त्योहार से देश के बाजारों में इस साल जबरदस्त कारोबार की उम्मीद जताई जा रही है। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के अनुमान के मुताबिक, 2026 में रक्षाबंधन के अवसर पर देशभर में करीब 25 हजार करोड़ रुपये का राखी कारोबार हो सकता है। यह आंकड़ा पिछले साल के करीब 17 हजार करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग 45 प्रतिशत अधिक है।
उद्योग जगत के मुताबिक, इस बार बाजार में स्वदेशी राखियों की मांग खास तौर पर बढ़ी है। पारंपरिक राखियों के साथ डिजाइनर, हस्तनिर्मित और अलग-अलग थीम वाली राखियां भी ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं। बाजार में ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ जैसी थीम वाली राखियों की भी मांग देखी जा रही है।

रक्षाबंधन का असर सिर्फ राखी की बिक्री तक सीमित नहीं रहने वाला है। CAIT के अनुसार, राखियों के अलावा उपहार, मिठाई, कपड़े और अन्य त्योहारी सामान को शामिल किया जाए तो कुल कारोबार 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक पहुंच सकता है। इससे छोटे दुकानदारों, कारीगरों, मिठाई विक्रेताओं, गिफ्ट कारोबारियों और स्थानीय बाजारों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

आंकड़ों के मुताबिक, 2023 में देश में राखी का कारोबार करीब 12 हजार करोड़ रुपये था, जो पिछले साल बढ़कर लगभग 17 हजार करोड़ रुपये पहुंचा। इस साल 25 हजार करोड़ रुपये के अनुमान से त्योहार आधारित खुदरा बाजार में तेज वृद्धि का संकेत मिल रहा है।






