शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का दावा, बिना पंजीकरण इलाज कराने के आरोप

लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र में कथित तौर पर नियमों को ताक पर रखकर संचालित किए जा रहे निजी अस्पतालों और क्लीनिकों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे आरोपों के मुताबिक, मलिहाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में कई ऐसे अस्पताल और चिकित्सा केंद्र संचालित हो रहे हैं, जिनके पास जरूरी पंजीकरण, दस्तावेज और प्रशिक्षित स्टाफ उपलब्ध होने को लेकर शिकायतें सामने आई हैं।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अवैध अस्पतालों के संबंध में शिकायत मिलने के बाद संबंधित स्तर पर निरीक्षण या नोटिस की कार्रवाई तो की जाती है, लेकिन बाद में मामले को केवल खानापूर्ति तक सीमित कर दिया जाता है। आरोप यह भी है कि नोटिस के दौरान जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के बावजूद संबंधित अस्पतालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मलिहाबाद क्षेत्र के रहीमाबाद कस्बे में भी ऐसे कई निजी अस्पतालों के संचालन का दावा किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ संस्थानों में बिना पर्याप्त प्रशिक्षण वाले कर्मचारियों और आवश्यक चिकित्सकीय योग्यता को लेकर सवाल उठाने वाले लोग काम कर रहे हैं। आरोप है कि गंभीर बीमारियों के इलाज के नाम पर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों से बड़ी रकम वसूली जाती है।

स्थानीय स्तर पर यह मामला उस समय और चर्चा में आया जब बीते मंगलवार को कथित तौर पर नियमों के विपरीत संचालित हो रहे कुछ अस्पतालों से संबंधित तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई थीं। इसके बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे।
शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि मलिहाबाद CHC क्षेत्र में संचालित सभी निजी अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों की रजिस्ट्रेशन, चिकित्सकों की योग्यता, पैरामेडिकल स्टाफ, अग्नि सुरक्षा, भवन मानक और अन्य अनिवार्य दस्तावेजों के आधार पर जांच कराई जाए। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से निष्पक्ष जांच और नियमित निरीक्षण जरूरी माना जा रहा है। वहीं, संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही लगाए गए आरोपों की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






