फाल्गुन पूर्णिमा पर होलिका दहन का शुभ समय तय भद्रा काल हटते ही शुरू होगा शुभ मुहूर्त जानें कब करें अग्नि प्रज्वलन

फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर होने वाला होलिका दहन इस बार लोगों में भ्रम पैदा कर रहा है कि इसे आज किया जाए या कल। पंचांगों के अनुसार भद्रा काल की उपस्थिति के कारण सही समय का चयन जरूरी है, क्योंकि भद्रा में होलिका दहन शुभ नहीं माना जाता।
ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, इस वर्ष पूर्णिमा तिथि शाम में लग रही है और भद्रा रात तक रहने की संभावना है। इसी कारण होलिका दहन भद्रा समाप्त होने के बाद ही करना श्रेष्ठ बताया गया है।
भद्रा समाप्त होते ही शुभ मुहूर्त शुरू होगा और इसी समय होलिका दहन करना धार्मिक रूप से सर्वश्रेष्ठ माना जा रहा है।
होलिका दहन का महत्व
होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। इसी दिन भक्त प्रह्लाद की रक्षा हुई थी और होलिका दहन में नष्ट हुई थी। इस कारण इस अग्नि को पवित्रता, रक्षा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।

