फीस भुगतान प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी से छात्रों में हड़कंप, तकनीकी खामी या साइबर अटैक की जांच शुरू

री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) प्रक्रिया के दौरान छात्रों को उस समय बड़ा झटका लगा जब पोर्टल पर फीस की राशि असामान्य रूप से बढ़ी हुई दिखाई देने लगी। कई छात्रों ने शिकायत की कि जहां उन्हें सामान्य शुल्क जमा करना था, वहीं पोर्टल पर हजारों रुपये से लेकर 68 हजार रुपये तक की फीस प्रदर्शित हो रही थी।
इस गड़बड़ी के सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में छात्रों ने स्क्रीनशॉट साझा कर अपनी परेशानी जाहिर की। मामले ने तूल पकड़ने के बाद संबंधित विभाग और तकनीकी टीम ने जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक स्तर पर यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि समस्या किसी तकनीकी खामी के कारण हुई या फिर पोर्टल पर साइबर हमले की कोशिश की गई। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि किसी भी छात्र से गलत शुल्क नहीं लिया जाएगा और पोर्टल की तकनीकी समस्या जल्द दूर कर दी जाएगी। वहीं छात्रों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक सूचना का इंतजार करें और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें।





