हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोलने, प्रतिबंधों में राहत और क्षेत्रीय संघर्ष कम करने पर फोकस अभी अंतिम समझौता बाकी

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्तावित US-Iran डील में आर्थिक निवेश, क्षेत्रीय सुरक्षा, परमाणु कार्यक्रम और लेबनान में जारी संघर्ष जैसे कई बड़े मुद्दों को शामिल किया गया है।
जानकारी के अनुसार, समझौते के तहत ईरान के लिए करीब 300 अरब डॉलर के अंतरराष्ट्रीय निवेश फंड या पुनर्निर्माण कार्यक्रम का प्रस्ताव सामने आया है। इसका उद्देश्य युद्ध और आर्थिक संकट से प्रभावित ईरानी अर्थव्यवस्था को राहत देना बताया जा रहा है।

इसके अलावा, हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही बहाल करने, अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने और क्षेत्रीय तनाव कम करने पर भी चर्चा हो रही है। मसौदे में अमेरिका और ईरान के बीच चरणबद्ध वार्ता का रोडमैप भी शामिल बताया गया है।
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि लेबनान में जारी सैन्य तनाव और हमलों को रोकने की दिशा में प्रयास समझौते का अहम हिस्सा हो सकते हैं। ईरान लगातार लेबनान में हमले रोकने और क्षेत्रीय संघर्ष समाप्त करने की मांग करता रहा है।

वहीं परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी बातचीत जारी है। प्रस्तावित ढांचे में ईरान के संवर्धित यूरेनियम भंडार, प्रतिबंधों में संभावित राहत और भविष्य की निगरानी व्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि दोनों पक्षों के बीच कई अहम बिंदुओं पर अभी भी मतभेद बने हुए हैं और अंतिम समझौते की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस संभावित समझौते पर टिकी है, क्योंकि इसका असर मध्य पूर्व की सुरक्षा, वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पड़ सकता है।






