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NEET Paper Leak 2026: कोर्ट से नहीं मिली राहत, प्रहलाद कुलकर्णी और शिवराज मोटेगांवकर की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ीराउज एवेन्यू कोर्ट का बड़ा फैसला, CBI जांच के बीच दोनों आरोपी रहेंगे हिरासत में

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राउज एवेन्यू कोर्ट का बड़ा फैसला, CBI जांच के बीच दोनों आरोपी रहेंगे हिरासत में

 

 

NEET Paper Leak 2026: नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में आरोपी प्रहलाद (पीवी) कुलकर्णी और शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को अदालत से राहत नहीं मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाते हुए उन्हें 11 जुलाई 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पिछली न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद दोनों को अदालत में पेश किया गया था, जहां मामले की स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने हिरासत बढ़ाने का आदेश दिया।

कोर्ट ने 11 जुलाई तक बढ़ाई न्यायिक हिरासत

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रहलाद कुलकर्णी और शिवराज मोटेगांवकर की पिछली न्यायिक हिरासत अवधि पूरी होने के बाद उन्हें अदालत के समक्ष पेश किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों को तत्काल राहत देने के बजाय न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश जारी रखा। अब दोनों आरोपी 11 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे। इस फैसले के साथ ही मामले की जांच और कथित पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं पर निगाहें बनी हुई हैं।

CBI ने कुलकर्णी को बताया कथित मास्टरमाइंड

रिपोर्ट में CBI के हवाले से कहा गया है कि सेवानिवृत्त रसायन विज्ञान प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को कथित पेपर लीक साजिश का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। जांच एजेंसी के आरोपों के अनुसार, मामले में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। हालांकि ये आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं तथा अंतिम दोषसिद्धि अदालत के निर्णय पर निर्भर करेगी।

शिवराज मोटेगांवकर पर क्या है आरोप?

शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर पर आरोप है कि उन्होंने परीक्षा आयोजित होने से पहले ही प्रश्नपत्र हासिल कर लिया था। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित रूप से प्रश्नपत्र किस माध्यम से प्राप्त हुआ, इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या यह नेटवर्क अन्य व्यक्तियों या केंद्रों तक फैला हुआ था।

पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी CBI

नीट-यूजी जैसी राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक मामले ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। CBI मामले में संभावित नेटवर्क, आरोपियों की कथित भूमिकाओं और प्रश्नपत्र तक पहुंच के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ और तथ्य सामने आने की संभावना है।

छात्रों के बीच बढ़ी चिंता

NEET-UG देश की प्रमुख मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसका उपयोग स्नातक चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश के लिए किया जाता है। ऐसे में पेपर लीक के आरोपों ने लाखों अभ्यर्थियों और उनके परिवारों के बीच चिंता बढ़ाई है। परीक्षा की आधिकारिक जानकारी NEET की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

फिलहाल मामले में सबसे अहम अपडेट यह है कि प्रहलाद कुलकर्णी और शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को कोर्ट से राहत नहीं मिली है और उनकी न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। अब आगे की न्यायिक कार्यवाही और CBI जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी।

Lokseva Bureau
Author: Lokseva Bureau

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