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Market Update: सेंसेक्स 550 अंक टूटा, निफ्टी 24,250 के नीचे; कच्चे तेल की उछाल से सहमा शेयर बाजार

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US-Iran तनाव और महंगे क्रूड ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता

 

 

Stock Market Update: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 8 जुलाई 2026 को तेज बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 550 अंक से अधिक टूट गया, जबकि Nifty 50 फिसलकर 24,250 के नीचे पहुंच गया। बाजार में यह कमजोरी ऐसे समय आई जब अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया और निवेशकों के बीच जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ी।

कच्चे तेल की कीमतों ने क्यों बढ़ाई चिंता?

बाजार की गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण वैश्विक तेल कीमतों में उछाल माना जा रहा है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच Brent crude करीब 2.7% उछलकर 76.2 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। एक अन्य लाइव मार्केट अपडेट में शुरुआती कारोबार के दौरान ब्रेंट में 3% से अधिक तेजी दर्ज की गई। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयातित कच्चे तेल पर निर्भर है, इसलिए महंगा क्रूड देश के आयात बिल, मुद्रास्फीति और रुपये पर दबाव बढ़ा सकता है।

US-Iran तनाव से बिगड़ा बाजार का मूड

अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से बढ़े तनाव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता पैदा कर दी है। रिपोर्टों के मुताबिक, ताजा सैन्य घटनाक्रम और तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने निवेशकों को जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनाने पर मजबूर किया। इसका सीधा असर भारतीय इक्विटी बाजार पर भी दिखाई दिया।

सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी गिरावट?

शुरुआती कारोबार के दौरान Nifty 50 करीब 0.64% गिरकर 24,245.90 के स्तर तक पहुंचा, जबकि BSE Sensex करीब 0.65% टूटकर 77,674.61 पर आ गया। दिन के दौरान गिरावट और गहरी हुई तथा कुछ मार्केट अपडेट्स में सेंसेक्स के 550 से 650 अंक तक फिसलने और निफ्टी के 24,200 के करीब जाने की सूचना सामने आई। इसलिए बाजार के आंकड़े लाइव ट्रेडिंग के साथ लगातार बदल रहे हैं।

किन सेक्टर्स पर सबसे ज्यादा दबाव?

बिकवाली व्यापक रही। रिपोर्ट के अनुसार, 16 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स में से 13 गिरावट में रहे। ऑयल एंड गैस इंडेक्स करीब 1.5% टूटा, जबकि ऑटो और FMCG शेयरों पर भी दबाव दिखाई दिया। महंगे कच्चे तेल के प्रति संवेदनशील कंपनियों—जैसे तेल विपणन, एविएशन, पेंट और टायर सेक्टर—में निवेशकों की चिंता बढ़ी।

रुपये पर भी दिखा महंगे तेल का असर

कच्चे तेल में तेजी का असर केवल शेयर बाजार तक सीमित नहीं रहा। भारतीय रुपये पर भी दबाव देखने को मिला। तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए चालू खाते और महंगाई की चिंता बढ़ाती हैं। भू-राजनीतिक तनाव के कारण जोखिम धारणा कमजोर होने से मुद्रा बाजार भी प्रभावित हुआ।

क्या आगे और गिर सकता है बाजार?

बाजार की अगली दिशा काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिका-ईरान तनाव, विदेशी निवेशकों के रुख और वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगी। अगर क्रूड ऑयल में तेजी जारी रहती है, तो भारतीय बाजार के लिए दबाव बढ़ सकता है। दूसरी ओर, भू-राजनीतिक तनाव कम होने और तेल कीमतों में नरमी आने पर बाजार को राहत मिल सकती है।

फिलहाल निवेशकों की नजर Nifty के 24,200-24,250 क्षेत्र और वैश्विक क्रूड ऑयल मूवमेंट पर बनी हुई है। बुधवार की गिरावट ने साफ संकेत दिया कि तेल की कीमतों में अचानक उछाल भारतीय बाजार की धारणा को तेजी से प्रभावित कर सकता है।

Lokseva Bureau
Author: Lokseva Bureau

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