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दिल्ली में सुंदरकांड पर सियासत: राम मंदिर मुद्दे पर AAP का हस्ताक्षर अभियान, भाजपा का तीखा पलटवार

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राम मंदिर मामले को लेकर दिल्ली में तेज हुई राजनीतिक जंग।

 

 

दिल्ली में राम मंदिर से जुड़े कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने रोहिणी के जापानी पार्क में सुंदरकांड पाठ और हनुमान आरती के बाद देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की। पार्टी का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य राम मंदिर से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को जनता की आवाज के रूप में सरकार तक पहुंचाना है।

कार्यक्रम में AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री के नाम लिखे गए एक पत्र पर सबसे पहले हस्ताक्षर किए। उन्होंने दावा किया कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मामले में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि राम मंदिर से जुड़े कथित भूमि खरीद, निर्माण कार्य और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर उठे सवालों की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है। उन्होंने लोगों से देशभर में सुंदरकांड, हनुमान चालीसा और आरती के साथ इस हस्ताक्षर अभियान से जुड़ने की अपील की।

AAP के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाओं और जवाबदेही की मांग का अभियान है। पार्टी का कहना है कि अभियान के तहत जुटाए गए हस्ताक्षर प्रधानमंत्री को भेजे जाएंगे ताकि मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने AAP के अभियान पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेताओं ने इसे चुनावी राजनीति और धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश बताया। भाजपा विधायक हरीश खुराना ने आरोप लगाया कि आगामी चुनावों को देखते हुए अरविंद केजरीवाल “चुनावी हिंदू” बनने का प्रयास कर रहे हैं और सुंदरकांड पाठ को राजनीतिक मंच बना रहे हैं।

भाजपा का यह भी कहना है कि राम मंदिर परियोजना और मंदिर ट्रस्ट पर लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। पार्टी और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पहले भी वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोपों को खारिज कर चुके हैं। उनका कहना है कि मंदिर से जुड़े सभी कार्य निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार किए जा रहे हैं तथा संबंधित मामलों में आवश्यक जांच पहले से चल रही है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद दिल्ली की राजनीति में राम मंदिर का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है। एक ओर AAP इसे आस्था और जवाबदेही का सवाल बता रही है, तो दूसरी ओर भाजपा इसे राजनीतिक स्टंट करार दे रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा दिल्ली के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में भी चर्चा का विषय बना रह सकता है।

Lokseva Bureau
Author: Lokseva Bureau

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