ट्रंप के प्लेन स्वैप ने याद दिलाई 2000 की क्लिंटन सुरक्षा रणनीति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया गुप्त विमान बदलाव ने 26 साल पुरानी एक बेहद दिलचस्प सुरक्षा घटना की यादें ताजा कर दी हैं। जुलाई 2026 में तुर्की से रवाना होते समय ट्रंप को सुरक्षा अधिकारियों ने कथित ईरानी खतरे के कारण एक विमान से हटाकर दूसरे सैन्य विमान में भेज दिया था। जिस विमान को ट्रंप का विमान समझा जा रहा था, वह बाद में डिकॉय की भूमिका में इस्तेमाल हुआ।
इस तरह की रणनीति अमेरिकी राष्ट्रपति सुरक्षा के इतिहास में नई नहीं है। मार्च 2000 में तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन पाकिस्तान के दौरे पर गए थे। उस समय सुरक्षा एजेंसियों ने एक डिकॉय विमान का इस्तेमाल किया था। पहले अमेरिकी निशान वाला विमान इस्लामाबाद एयरपोर्ट पर उतरा। उसमें से क्लिंटन जैसे दिखने वाले एक सीक्रेट सर्विस एजेंट को उतारा गया, ताकि वहां मौजूद लोगों और संभावित हमलावरों को भ्रमित किया जा सके।

असल में क्लिंटन एक बिना पहचान वाले छोटे विमान से पहुंचे थे, जो डिकॉय विमान के बाद एयरपोर्ट पर उतरा। सुरक्षा अधिकारियों ने कई समान कारों और अन्य उपायों का भी इस्तेमाल किया था। उस समय अधिकारियों ने कहा था कि यह किसी खास हमले की प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि पाकिस्तान की बेहद संवेदनशील सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए पहले से तैयार की गई योजना थी।






