लॉजिस्टिक्स सेमिनार में वैगन निवेश, Dedicated Freight Corridor और नीतिगत बदलाव पर जोर

भारतीय रेलवे में माल ढुलाई को और तेज, सस्ता और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में निजी निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय मालवहन संगोष्ठी में देश की प्रमुख लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई कंपनियों ने रेलवे की मालवहन क्षमता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। संगोष्ठी का मुख्य विषय रेलवे के जरिए लॉजिस्टिक्स व्यवस्था में बदलाव और माल ढुलाई को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना रहा।
कंपनियों ने मौजूदा नीति में माल और पार्सल वैगन में निजी निवेश को मंजूरी देने की मांग की। उनका कहना है कि पर्याप्त संख्या में आधुनिक वैगन उपलब्ध होने से माल की आवाजाही तेज होगी और रेलवे की Freight क्षमता बढ़ेगी। कम दूरी के कंटेनर परिवहन में सड़क और रेल की लागत के बीच संतुलन बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया गया। इसके लिए रेल मालभाड़े, बंदरगाह शुल्क और अंतिम छोर तक परिवहन लागत को एक साथ देखने का सुझाव दिया गया।

Dedicated Freight Corridor को भी भविष्य की मालवहन व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्रीय बजट 2026 में पश्चिम बंगाल के दानकुनी से गुजरात के सूरत तक 2,052 किलोमीटर लंबे नए East-West Dedicated Freight Corridor का प्रस्ताव किया गया है। यह मौजूदा Western Dedicated Freight Corridor से जुड़ेगा और देश के पूर्वी हिस्से से पश्चिमी बंदरगाहों तक माल की आवाजाही को बेहतर बनाने में मदद करेगा।

संगोष्ठी में आधुनिक लोडिंग-अनलोडिंग मशीनों, नए BOBRN वैगन और खाली फ्लैट रैक की अनावश्यक आवाजाही कम करने जैसे सुझाव भी दिए गए। रेलवे ने उद्योग जगत के सुझावों को गंभीरता से लेने और नीतियां बनाते समय इन्हें ध्यान में रखने का आश्वासन दिया है।






